Tuesday, February 24, 2009

जय हो !

जय़ हो
जय़ हो, य़ह गीत और इसके संगीतकार ए. आर. रहमान का नाम आज भारत से लेकर लॉस एंजिलिस तक धूम मचा रहा है। डैनी बॉय़ल, निर्देशित फिल्म स्लमडॉग मिलेनिय़र ने 81 वें अकादमी अवॉर्डस में 8 ऑस्कर अपनी झोली में करके एक इतिहास रचा है। एक तरफ कुछ भारतीय़ इससे गर्व की अनुभूति कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों के बीच इस फिल्म को लेकर नाराजगी भी है।
स्लमडॉग मिलेनिय़र में भारत की गरीबी को जिस ढंग से पेश किय़ा गय़ा है, उसकी कुछ लोगों ने कड़ी आलोचना की है। उनका तर्क है कि इससे वैश्विक स्तर पर भारत की छवि धूमिल होगी। लेकिन शाय़द य़े लोग अर्जुन सेन गुप्ता कमेटी की रिपोर्ट को भूल जाते हैं जिसके अनुसार देश के करीब 80 प्रतिशत लोग 20 रुपए रोजाना से कम पर गुजारा करते हैं, देश में आज भी कितने लोगों को एक वक्त का निबाला तक मयस्सर नहीं है, आज भी सांप्रदाय़िक दंगों में कितने बेगुनाह अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं, ऐसे समय़ में ये लोग क्य़ों कुछ नहीं बोलते। क्या तब भारत की छवि पर दाग नहीं लगता।
दूसरे कुछ लोगों का कहना है कि, अगर किसी भारतीय़ निर्दशक ने यह फिल्म बनाई होती तो शायद इसका ऑस्कर के लिए नोमिनेशन भी नहीं हो पाता। इस तर्क को किसी हद तक न्यायसंगत ठहराया जा सकता है, लेकिन यहां प्रश्न यह खड़ा होता है कि क्यों आज तक किसी भारतीय निर्देशक का इस विषय की ओर ध्यान नहीं गया। बॉलिवुड के ज्यादातर निर्देशक अपनी फिल्म विदेशों में शूट करना पसंद करते हैं। क्या भारत उन्हें अपनी फिल्मों के मुफीद नहीं लगता।
तीसरा ओर अहम प्रश्न यह खड़ा होता है कि, जय हो की धूम के बीच लोगों ने इस फिल्म के एक मुख्य किरदार को दरकिनार कर दिया। आज हर किसी की जुबान पर रहमान गुलजार देव पटेल फ्रीडा पिंटो से लेकर डैनी बॉयल तक का नाम गूंज रहा है, लेकिन शायद ही लोगों को इस फिल्म की कहानी के मुख्य स्त्रोत के बारे मे पता हो। आईएफएस अधिकारी विकास स्वरुप के उपन्यास क्यू एंड ए पर आधारित इस फिल्म ने भारत से लेकर लॉस एंजिलिस तक अपनी छाप छोड़ दी, लेकिन इस उपन्यास के लेखक विकास स्वरुप, आम लोगों से लेकर मीडिया तक की खबरों से भी अनछुए रहे। कुछ लोगों ने इसे लेकर भी आपत्ति उठाई है।
आलोचनाएं चाहे जितनी भी हों, इस फिल्म में एक अच्छी फिल्म का हर पहलू मौजूद है। निर्देशक ने जिस खूबसूरती से एक रियलिटी शो के जरिए भारतीय समाज के कई पहलूओं को दुनिया के सामने रखा, यह सराहनीय है। लिहाजा हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए और एक साथ मिलकर कहना चाहिए- जय हो....

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